विद्यालय प्रशासनिक व्यवस्था|parent-teacher-council

विद्यालय प्रशासनिक व्यवस्था

विद्यालय सलाहकार समिति और विद्यालय प्रबंधन समिति:-

विद्यालय के सामान्य निरीक्षण के लिए विद्यालय सलाहकार समिति की व्यवस्था की गई है। समिति की बैठक वर्ष में दो बार जुलाई और जनवरी के महीने में आयोजित की जाती है ।

विद्यालय गतिविधियों के सही संचालन के लिए विद्यालय प्रबन्धन समिति का गठन किया गया है । यह समिति वर्ष में तीन बार बैठक करती है।

विद्यालय सलाहकार समिति 
जिला मैजिस्ट्रेट चेयरमैन
सांसद सदस्य
चेयरमैन जिला परिषद् या उनके द्वारा नामित जिला परिषद का सदस्य सदस्य
नजदीकी स्कूल का प्राचार्य सदस्य
अपने क्षेत्र का एक शिक्षाविद् सदस्य
जिला कार्यकारी अभियंता सदस्य
प्राचार्य, ज.न.वि. सदस्य सचिव


विद्यालय प्रबन्धन समिति

जिला मैजिस्ट्रेट चेयरमैन
जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य
कार्यकारी अभियंता पी.डब्ल्यू.डी. सदस्य
स्थानीय महाविद्यालय या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य सदस्य
जनवि के उप-प्राचार्य या वरिष्ठ अध्यापक सदस्य
जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सदस्य
अभिभावकों से दो प्रतिनिधि सदस्य (एक पुरूष और एक महिला) सदस्य
ज.न.वि. प्राचार्य सदस्य सचिव


अभिभावक शिक्षक परिषद्:-
अभिभावकों का शिक्षकों एवं प्रबन्धन के साथ संवाद अति आवश्यक होता है इसका ध्यान रखते हुए सत्र् के आरंभ के साथ अप्रैल माह में अभिभावक शिक्षक परिषद् का गठन किया जाता है जिसमें अभिभावकों एवं शिक्षकों से सदस्यों का चयन किया जाता है। अभिभावक शिक्षक परिषद् की बैठक प्रत्येक महीने के दूसरे शनिवार को आयोजित की जाती है जो जटिल समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।